आखिर, किसने है।
इश्क को इश्क का नाम आखिर दिया किसने है, मुझको तुझे इनाम में आखिर दिया किसने है। जो मांगा था टुकड़ा चांद का ये पूरा चांद दिया किसने है, हूर हो या ख्वाब, ऐसा श्रंगार आखिर किया किसने है। तुम राधा हो तो मुझे श्याम आखिर कहा किसने है, ये यारी को बदनाम आखिर किया किसने है। मुझको तुझे इनाम में आखिर दिया किसने है। इन्हें भी पढें- कोरे पन्ने मैं तो बस मैं हूँ। ---- अभिषेक